इंसोम्निया क्या है? जो गंभीर मानसिक समस्या उत्पन्न कर सकता है.

इंसोम्निया क्या है? जो गंभीर मानसिक समस्या उत्पन्न कर सकता है.

अगर कोई व्यक्ति एक रात ठीक से ना सो पाए तो उसे थकान, चिढ़, एकाग्रता की समस्या महसूस होती है और अगर कोई व्यक्ति पिछले पांच दिनों से ठीक से ना सो पाया हो तो?, या फिर पिछले 15 दिनों से, या किसी को पिछले कुछ महीनो से ठीक से नींद नहीं आयी हो तो?. इस समस्या में किसी व्यक्ति की स्थिति बहुत दयनीय हो सकती है जिसमे उसके सोचने, समझने, व्यवहार करने की क्षमता प्रभावित होती है और स्थिति बहुत ख़राब हो जाये तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है.  इस समस्या को इनसोम्निया कहते है. जिसमे व्यक्ति की नींद कुछ दिनों से कुछ सालो तक प्रभावित हो  सकती है. जिसकी वजह से अत्यधिक तनाव अवसाद तथा भ्रम जैसी समस्या होने लग जाती हैI  कई अध्ययन के अनुसार, इनसोम्निया का सम्बन्ध मतिभ्रम (Hallucination) आत्महत्या के विचार और इससे होने वाली मृत्यु से है। यह समझना आवश्यक कि मतिभ्रम क्या है? मतिभ्रम एक अनुभव है जो व्यक्ति को वास्तविक लगता हैंI लेकिन यह दिमाग द्वारा बनाए जाते हैं, वास्तविक नहीं होतेI जैसे: किसी को कुछ आवाजे सुनाई या कुछ दिखाई देता है जो होता ही नहीI इनसोम्निया एक नींद सम्बन्धी रोग है जिसकी वजह से या तो सोना मुश्किल हो जाता है, या बहुत जल्दी जागने और फिर सो नहीं पाने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

इस समस्या के कई लक्षण कुछ इस प्रकार है -

  • दिन के समय अत्यधिक नींद आनाI
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जिसकी वजह से गलतिया करने या दुर्घटना होने की सम्भावनाओ में वृद्धि होना I
  • उदासी या चिंता की वजह से सोने में कठिनाई होना I
  • सोने के बाद भी यह महसूस करना कि उन्होंने पर्याप्त नींद नहीं ली है I
  • रात में बार-बार जागना या पुनः नींद नहीं आने की समस्या I
  • सुबह जागने पर आराम महसूस नहीं करना I
  • कार्य प्रदर्शन में कमी, सिरदर्द होना… ये कुछ प्रमुख लक्षण हैI

     

इनसोम्निया के बहुत से प्रकार है जैसे वास्तविक इनसोम्निया क्रॉनिक इनसोम्निया रखरखाव  इनसोम्निया, शुरुआत  इनसोम्निया इत्यादि  लेकिन आसानी से  समझने के लिए इसे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है: प्राथमिक इनसोम्निया तथा माध्यमिक इनसोम्निया, प्राथमिक इनसोम्निया में नींद की समस्या किसी भी अन्य रोग की वजह से नहीं होती है I लेकिन  माध्यमिक इनसोम्निया में  समस्या किसी अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी रोग जैसे कि अवसाद, दमा इत्यादि की वजह से हो सकता है I 



ये ध्यान रखे कि इस रोग के उपचार के लिए  मनोचिकित्सा  तथा दवा उपलब्ध है लेकिन  इनसोम्निया से होने वाली समस्या जो प्रारम्भ में आती है जैसे जलन, हताशा, उदासी सिर्फ आप ही मह्सूस कर सकते है I इसलिए कभी भी कुछ दिनों तक सोने में दिक्कत महसूस हो तो मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर या अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह ले I

इनसोम्निया से बचाव के लिए आप कुछ कदम उठा सकते है जैसे-

  • सोने तथा उठने का एक निश्चित समय निर्धारित करना I
  • सोने से पहले कॉफ़ी और शराब से बचना।
  • सोने के समय मधुर संगीत सुनना या किताब पढ़ना जो हमारे हमारे दिमाग में चल रही गतिविधि को कम कर, सोने में मदद करता है I
  • शारीरिक गतिविधि करना I
  • सोने से १ घंटे पहले से किसी भी प्रकार का स्क्रीन का प्रयोग नहीं करना I

यदि समस्या हो तो उसे समझे और समाधान के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से राय लें I

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